E-RUPI डिजिटल पेमेंट  

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E-RUPI डिजिटल पेमेंट

E-RUPI क्या है । E-RUPI क्यों बनाया गया ? यह कैसे काम करता है और कहां इस्तेमाल हो सकता है?

E-RUPI डिजिटल पेमेंट  ई-रुपी’ कब लॉन्च किया :  2 अगस्त 2021

eRUPI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस भुगतान एक नया  टूल के रूप में -रुपी का शुभारंभ किया. -रुपी मूल रूप से एक डिजिटल वाउचर है, जो एक लाभार्थी को उसके फोन पर SMS या QR कोड के रूप में मिलता है|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा (E-RUPI )डिजिटल पेमेंट सॉल्‍यूशन ‘ई-रुपी’ लॉन्‍च किया गया है | जो  2 अगस्त 2021 को ‘ई-रुपी’ डिजिटल भुगतान  समाधान लॉन्च किया गया है

‘ई-रुपी’ (E rupi) के रूप में देश को डिजिटल भुगतान के लिए एक और नई व्यवस्था शुरू की है  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में लगातार डिजिटल पहलों को प्रोत्‍साहन दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी डिजिटल पेमेंट सॉल्‍यूशन ‘ई-रुपी’ लॉन्‍च की गयी  नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को शाम 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘ई-रुपी’ को लॉन्च की । यह एक पर्सन और पर्पज स्पेसिफिक डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन है। लेकिन डिजिटल भुगतान समाधान क्या है, कैसे काम करेगा और कहां इसका इस्तेमाल होगा ऐसे कई सवाल जरूर मन में होंगे। ऐसे में चलिए ‘ई-रुपी’ के बारे में हम आपको यहां सब कुछ बताएंगे।

" E-RUPI डिजिटल पेमेंट "  
E-RUPI डिजिटल पेमेंट

E-RUPI डिजिटल पेमेंट क्या है और कैसे काम करता है :-

E-RUPI क्या है :-

eRUPI का मतलब  भारत सरकार द्वारा डिजिटल पेमेंट की प्रक्रिया को और अधिक बढ़िया  बनानें हेतु डिजिटल भुगतान Cashless और संपर्क रहित  E Rupi (ई-आरयूपीआई) लॉन्च किया गया है | यह डिजिटल पेमेंट के लिए कैशलेस  और कॉनटैक्ट लेस  माध्यम है। ई-रुपी केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी एक ऐसी जन सुविधा है| जिसमें किसी स्कीम का लाभ प्राप्त करनें वाले व्यक्ति और सेवा प्रदाता के बीच में कोई दूर मध्यस्थ नहीं होगा | ई-रूपी कोई डिजिटल करेंसी नहीं है बल्कि यह QR Code अथवा SMS String आधारित ई-वाउचर पेमेंट सिस्टम है |

ई-रुपी डिजिटल भुगतान के लिए एक कैशलेस और संपर्क रहित माध्यम है। यह एक क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग-आधारित ई-वाउचर है, जिसे लाभार्थियों के मोबाइल पर पहुंचाया जाता है। इस निर्बाध वन टाइम भुगतान व्‍यवस्‍था के यूजर्स अपने सेवा प्रदाता के केंद्र पर कार्ड, डिजिटल भुगतान एप या इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के बगैर ही वाउचर की राशि को प्राप्‍त करने में सक्षम होंगे। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है।

E-RUPI डिजिटल पेमेंट क्यों बनाया गया :-

सरकार के द्वारा किसी व्यक्ति को कोई सुविधा के लिए भेजा गया फण्ड जो किसी वस्तु को ख़रीधने के लिए जो फण्ड भेजा गया हो उस व्यक्ति के द्वारा उसी वस्तु को खीरदने के लिए दिया गया फण्ड जिस को सरकार उस व्यक्ति को एक क्यू आर कोड दिया जाता हे जो जिस काम के लिए दिया जाता हे वो क्यू आर कोड उसी जगहे ही रिडीम होगा ।

इसका उपयोग   जिस भी योजनाओं में इम्प्लीमेंट किया जायेगा उसमे दिए जा रहे फन्ड या सब्सिडी Cash (नकदी) अथवा Digital Money के रूप में ना देकर एक स्पेसिफिक यानि विशिष्ट उद्देश्य से QR Code अथवा SMS String के रूप में ई-वाउचर (डिजिटल वाउचर) लाभार्थी के मोबाइल पर दिया जायेगा |

उदहारण :- जिसे किसी किसान को खाद वे बीज के लिए कोई क्यू आर कोड मिला हे तो वो किसान उस कोड से केवल खाद बीज की दुकान पर ही वे क्यू आर कोड काम में ले सकता हे , वे हु कोड में किसी और जगहे पर यूज़ नहीं कर सकता है।

उदाहरण :- यदि सरकार अपने किसी कर्मचारी का किसी अस्पताल में  इलाज का खर्च उठाना चाहती है| तो वह एक पार्टनर बैंक के जरिए निर्धारित राशि के लिए ई-रुपी का वाउचर जारी कर सकेगी | कर्मचारी को उसके फीचर फोन/स्मार्ट फोन पर एसएमएस या क्यूआर कोड के जेरिय मिले जायेगा | वह अपने इलाज तय अस्पताल में जाकर उसका  का लाभ उठा सकता है|

E-RUPI डिजिटल पेमेंट कैसे काम करेगा?

ई-रुपी बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के डिजिटल तरीके से लाभार्थियों और सेवा प्रदाताओं के साथ सेवाओं के प्रायोजकों को जोड़ता है। इसके तहत यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि लेन-देन पूरा होने के बाद ही सेवा प्रदाता को भुगतान किया जाए। प्री-पेड होने की वजह से सेवा प्रदाता को किसी मध्यस्थ के हस्तक्षेप के बिना ही सही समय पर भुगतान संभव हो जाता है। eRUPI डिजिटल भुगतान के लिए एक कैशलेस और संपर्क रहित साधन है। यह क्यूआर कोड या SMS स्ट्रिंग के आधार पर -वाउचर की तरह काम करता है। मुताबिक, eRUPI में SMS के जरिए पेमेंट हो सकेगा। यानी आप एक दूसरे को मैसेज के जरिए वाउचर भेजेंगे

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ई-आरयूपीआई सेवाओं के प्रायोजकों को इस ऐप को देश के हर मोबाइल पर भेजने के लिए किसी के साथ फिजिकली इंटरफेस करने की जरूरत नहीं होगी। इसे आप प्रीपेड गिफ्ट वाउचर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इस ई-आरयूपीआई सेवा के माध्यम से लाभार्थियों और सेवा प्रदाताओं को जोड़ा जाएगा। आज इस ई-आरयूपीआई कैशलेस सिस्टम को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया |

E-RUPI क्या है । E-RUPI क्यों बनाया गया ? इसका इस्तेमाल​ कहां हो सकता है?

इसका इस्तेमाल​ कहां मातृ और बाल कल्याण योजनाओं के तहत दवाएं और पोषण संबंधी सहायता, टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी स्‍कीमों के तहत दवाएं और निदान, उर्वरक सब्सिडी, इत्यादि देने की योजनाओं के तहत सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। यहां तक कि निजी क्षेत्र भी अपने कर्मचारी कल्याण और कॉरपोरेट सामाजिक दायित्‍व कार्यक्रमों के तहत इन डिजिटल वाउचर का उपयोग कर सकता है।

शुरुआत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 1,600 से ज्यादा अस्पतालों के साथ शुरू  किया है जहां ई-रुपी   उससे भुगतान किया जा सकता है| विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसके उपयोग का काम अच्छा  होने की उम्मीद है| यहां तक ​​कि निजी क्षेत्र भी इसका उपयोग किया जायेगा | कर्मचारियों को लाभ देने के लिए कर सकेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भी इसे बिजनेस टू बिजनेस लेनदेन के लिए काम में ले सकता है |

E-RUPI क्या फायदा है :- 

  • इससे भ्रष्टाचार पर नहीं HOGA तथा फ्रॉड की कोई गुंजाईश नहीं रहेगी।
  • वाउचर भुगतान को जारीकर्ता द्वारा ट्रैक किया जा सकता है और होनेवाले खर्च पर नजर रखी  जा सकता है।
  • e-erupi पेमेंट सिस्टम में किसी भी सरकारी अथवा प्राइवेट योजनाओं में त्वरित, सुरक्षित और संपर्क रहित वाउचर वितरण करके संस्था के कर्मचारी अथवा नागरिकों को लाभ दिया जा सकता है।
  • ई-रूपी पेमेंट सिस्टम में वाउचर को भुगतान कराने वाले उपभोक्ता के पास किसी भी तरह का डिजिटल पेमेंट एप्लीकेशन या बैंक खाता  की आवश्यकता नहीं है।
  • इसके तहत नागरिक को सरकार या किसी आर्गेनाइजेशन द्वारा दिया जानेवाला फंड का पूरा-पूरा लाभ मिल पायेगा।
  • सरकार की योजनाओं का उदेश्य पूरा होगा तथा सरकारी धन का वास्तविक खर्च होगा।
  • जिस भी योजना में इसका इम्प्लीमेंट किया जायेगा वह योजना बिचोलिया मुक्त हो जायेगा।
  • गरीबों को अपना वास्तविक लाभ  मिले पायेगा |

E-RUPI  सरकार की मान्यता है क्योकि सरकार ने ही लॉन्च किया है इस upi के पैलटफोर्म पर बनाया गया है और जैसे  देश के बड़े बैंक SBI ,IICI BANK , HDFC BANK , पंजाब नैशनल बैंक , बैंक ऑफ़ बड़ोदा  इस स्पॉट करते है इसको यूज को लेकर कोई कंफ्युजन नहीं है |E-RUPI की वैलियो घटती बैठती  नहीं है| आपके पास जितनी वेलियु का E-RUPI होगा उतने ही E-RUPI का फायदा मिलेगा |E-RUPI का पेमेंट  बिना इंटरनेट से कर सकते है |

E-RUPI से बिना पेमेंट ऐप और इंटरनेट बैंकिंग के भी होगा काम :-

इस तरह ई-रुपी एक बार का कॉन्टैक्टलेस, कैशलेस वाउचर बेस्ट पेमेंट का तरीका है जो यूजर्स को कार्ड, डिजिटल भुगतान ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के बिना वाउचर मिलने  में मदद करता है| इसी वैसी डिजिटल मुद्रा नहीं मानना चाहिए जिसे लाने के लिए RBI विचार कर रहा है|  इसकी बजाय ई-रुपी एक व्यक्ति विशिष्ट (Individual specific) यहां तक ​​कि उद्देश्य विशिष्ट (Purpose specific) डिजिटल वाउचर है| E- RUPI कोई मुद्रा नहीं ये एक वाउचर कोड है |

ई-रुपी  उपभोक्ता के लिए फायदेमंद कैसे है :-

इसके लिए लाभार्थी के पास बैंक खाता होना जरूरी नहीं है, जो दूसरे डिजिटल भुगतान माध्यमों की तुलना में इसका एक खास फीचर है| यह एक आसान, संपर्क रहित भुगतान पाने के लिए 2 फेज प्रोसेस एनश्योर करता है, जिसमें पर्सनल डिटेल शेयर करने की भी जरूरत नहीं होती है. एक दूसरा फायदा यह भी है कि ई-रुपी बेसिक फोन पर भी संचालित होता है, इसलिए इसका उपयोग उन लोगों द्वारा भी किया जा सकता है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या उन जगहों पर, जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर है वहां पर भी ई-रुपी  वाउचर कोड काम में ले  सकते है |

स्पॉन्सर्स को ई-रुपी से क्या फायदे हैं:-

उम्मीद की जा रही है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को मजबूत करने और इसे ज्यादा पारदर्शी बनाने में ई-रुपी एक प्रमुख भूमिका रहेगी   चूंकि, वाउचर को भौतिक रूप से जारी करने की कोई जरूरत नहीं है, इससे लागत की भी कुछ बचत होगी| इसके अलावा ई-रुपी प्रीपेड वाउचर होने के नाते सर्विस प्रोवाइडर को रीयल टाइम पेमेंट का भरोसा देगा|

E-RUPI डिजिटल पेमेंट को किसने विकसित किया है:-

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए यह वाउचर कोड भुगतान प्रणाली लॉन्च की है| वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से इसे विकसित किया गया है|

E-RUPI डिजिटल पेमेंट कौन से बैंक इसे जारी करते हैं?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने ई-रुपी लेनदेन के लिए 11 बैंकों के साथ साझेदारी की है| ये बैंक हैं की   एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया. इसे लेने वाले ऐप्स हैं भारत पे, भीम बड़ौदा मर्चेंट पे, पाइन लैब्स, पीएनबी मर्चेंट पे और योनो एसबीआई मर्चेंट पे. जल्द ही ई-रुपी स्वीकार करने वाले और ज्यादा बैंकों और ऐप्स के इसमें शामिल होने की उम्मीद है|

E-RUPI डिजिटल पेमेंट   का मुख्य उद्देश्य:-

इसका मुख्य उद्देश्य टारगेट   TRANSPARENT  तथा लीकेज फ्री  पेमेंट सिस्टम प्रदान करना तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकना है। इसके तहत डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा और बिचोलिया मुक्त आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना संभव होगा।

जैसा की भारत सरकार का कहना है की यह व्यक्ति और उद्देश्य विशिष्ट डिजिटल भुगतान समाधान है, इसका मतलब है कि किसी भी योजना के तहत ई-रूपी के माध्यम से जिस व्यक्ति को जिस उद्देश्य से फन्ड या सब्सिडी सहायता दिया जायेगा वह फन्ड या सब्सिडी वही व्यक्ति उसी कार्य के लिए उपयोग कर पायेगा जिस कार्य के लिए वह फंड या सब्सिडी दिया जायेगा।

इसके जरिए यह सुनिश्चित होगा कि जिस योजनाओं के तहत जिस व्यक्ति को लाभ या सहायता दिया जा रहा है वह लाभ उस व्यक्ति तक पहुँच गया और उसका गलत उपयोग नहीं हुआ है।

ई-रूपी पेमेंट सिस्टम कैसे काम करता है?

जैसा की हम सब जान चुके है की यह व्यक्ति और उद्देश्य विशिष्ट डिजिटल भुगतान समाधान है और इसमें लाभ या सहायता कैश या डिजिटल पैसे  के रूप में ना देकर एक डिजिटल वाउचर के रूप में देगी और वो वाउचर भी केवल उसी कार्य के लिए भुगतान हो सकेगा जिस कार्य के लिए वाउचर दिया जायेगा।
ई-रुपी मूल रूप से एक प्रीपेड डिजिटल वाउचर है जो एक लाभार्थी को उसके फोन पर QR Code अथवा SMS String के रूप में मिलता है जो  इसको स्वीकार करने वाले केंद्र पर जाकर उसका उपयोग कर सकता है।

ई-रूपी वाउचर कैसे जारी होगा :-

इस सिस्टम को NPCI द्वारा उसके UPI प्लेटफॉर्म पर डेवलप किया गया है और इसमें बैंकों को शामिल किया गया है जो इन वाउचर्स को जारी करने का काम करेंगी| किसी भी कॉर्पोरेट या सरकारी एजेंसी को इसे प्राप्त करने के लिए पार्टनर बोस  से कॉन्टैक्ट करना होगा जो प्राइवेट और सरकारी दोनों हो सकते हैं| इसके साथ इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि ये किसके लिए और किस उद्देश्य से लिया जा रहा है|बेनिफि शिएरी की पहचान उनके मोबाइल नंबर से की जाएगी बैंक द्वारा सर्विस प्रोवाइडर को किसी व्यक्ति के नाम का वाउचर सिर्फ उसी व्यक्ति को दिया जाएगा|

Digital E-Rupi :-

  • Currency :- डिजिटल ई-रुपया
  •  Under:-   भारतीय  रिजर्व बैंक 
  • Introduced By :- पीएम नरेंद्र मोदी जी
  • Launch Date :-02 अगस्त 2021, शाम 04:30 बजे
  • Under    :-भारत की केंद्र सरकार
  • Official Website :- click here

 

 

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