राजस्थान सरकार बिना ब्याज के दे रही है 50 हजार का लोन

राजस्थान सरकार बिना ब्याज के दे रही है 50 हजार का लोन

सरकार बेरोजगारों को दे रही है  50 हजार का लोन, ब्याज का भी कोई बोझ नहीं

योजना का नाम इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना
सम्बंधित राज्य राजस्थान
योजना का उद्देश्य जरुरतमंदो को बिना किसी गारंटी के पचास हजार तक का ऋण देना
आवेदन कैसे होगा आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल एप पर
योजना की घोषणा 7 August 2021
"राजस्थान सरकार बिना ब्याज के दे रही है 50 हजार का लोन"
राजस्थान सरकार बिना ब्याज के दे रही है 50 हजार का लोन

आप राजस्थान के  निवासी हो और आपको पैसे की आवश्यकता है तो आप सरकार की इस योजना का फायदा उठा सकते हैं, जिसमें सरकार की ओर से बिना ब्याज के 50 हजार रुपये तक उधार पैसे दिए जा रहे हैं.इस योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की गारंटी देने की आवश्यकता नहीं है. 

कोरोना काल में लोगों को शारीरिक परेशानियों के साथ ही आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ा. इस दौरान छोटे व्यापारियों और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया. वैसे तो केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों ने इस वर्ग की काफी मदद की है और उन्हें इस संकट में काफी सपोर्ट किया है. केंद्र सरकार ने भी इन लोगों के लिए 10 हजार रुपये देने वाली योजना की शुरुआत की है और गरीब वर्ग के लिए राशन की व्यवस्था की है. वहीं, राजस्थान सरकार ने भी इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के नाम से एक स्कीम शुरू की है,  इस योजना से गरीब लोगो को काफी मदद मिलगी |

ऐसे में जानते हैं कि राजस्थान सरकार की इस योजना के क्या फायदे हैं और इसका लोग किस तरह से फायदा उठाया जा सकता है. दरअसल, इस योजना का फायदा ये है कि इससे लोगों को जो आर्थिक सहायता दी जाएगी, उस पर सरकार की ओर से ब्याज नहीं वसूला जाएगा. ऐसे में जानते हैं योजना से जुड़ी खास बातें, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है…

राजस्थान सरकार बिना ब्याज के दे रही है 50 हजार का लोन

इस योजना से किसे – किसे को फायदा मिलगा \  कितना फायदा मिलेगा \लोन की क्या हैं शर्तें?

"इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना"
इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

इस योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार कोरोनावायरस संक्रमण के कारण बेरोजगार हुए छोटे व्यापारियों, वेंडर्स, थड़ी, ठेला व्यापारियों एवं असंगठित क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों की मदद करेगी. उदाहरण के तौर पर देखें तो इस योजना में हेयरड्रेसर, रिक्शावाला, कुम्हार, मोची, बढ़ई, मिस्त्री, दर्जी, धोबी, रंग पेंट करने वाले, पलंबर आदि लोगों की मदद की जाएगी.

कितना फायदा मिलेगा ?

इस योजना में नागरिकों को 50000 रुपये तक का लोन उपलब्ध करवाया जाएगा. इस योजना के माध्यम से लॉकडाउन के कारण अनौपचारिक व्यापार पर पढ़े दुष्प्रभाव को कम किया जाएगा.

ब्याज नहीं लगेगा

इस योजना में मिला लोन ब्याज मुक्त होगा. खास बात ये भी है कि इस योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की गारंटी देने की आवश्यकता नहीं है. लाभार्थी द्वारा क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से ऋण की राशि की निकासी एक या एक से ज्यादा किस्तों में 31 मार्च 2022 तक की जा सकती है.

लोन की क्या हैं शर्तें?

इस योजना में 31 मार्च 2022 तक आवेदन किया जा सकता है. साथ ही लाभार्थी को लोन का पुनर्भुगतान 12 महीने की अवधि के अंदर करना होगा. लोन की राशि का भुगतान चौथे से 15 महीने में 12 सामान किस्तों में किया जाएगा. लगभग 5 लाख नागरिकों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा.

 राजस्थान सरकार रेहड़ी वालों और युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण देगी:-

राजस्थान सरकार ने राज्य में कोरोना महामारी के कारण वित्तीय संकट से जूझ रहे रेहड़ी-पटरी वालों, सेवा क्षेत्र में काम करने वाले 18 से 40 साल के युवाओं और शहरी क्षेत्र के बेरोजगारों को 50,000 रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना शुरू की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की गई बजट घोषणा की अनुपालना में वित्त विभाग ने पिछले सप्ताह ‘इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना 2021’ के संबंध में एक परिपत्र जारी किया है

इन लोगो को इसका लाभ  नहीं  दिया जायगा :-

राजस्थान के 5 लाख लाभार्थियों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी. ऐसे आवेदक जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या अधिक है और जिनकी पारिवारिक कुल मासिक आय 50 हजार रुपये या अधिक है, वो इस योजना के लाभ हेतु पात्र नहीं होंगे. योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान जिला स्तर पर स्थानीय शहरी संकाय द्वारा वेंडर्स को जारी प्रमाणपत्र के आधार पर की जायेगी.

  इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना ये होंगे पात्र :-
शहरी निकाय की ओर से जिन्हें प्रमाण पत्र या पहचान पत्र दिया हो, ऐसे छोटे व्यापारी योजना के पात्र होंगे। निकाय की ओर से सर्वे में छूट गए व्यापारियों या टाउन वेंडिंग कमेटी के सिफारिश पत्र वाले व्यापारी वेंडर भी पात्र होंगे। ऐसे विक्रेता जिन्हें सर्वे के दौरान चयनित किया गया है, लेकिन प्रमाण पत्र या पहचान पत्र जारी नहीं किया है, वे भी पात्र होंगे। शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल रहा व जिनकी मासिक आय 15000 रु. से अधिक नहीं है, वे भी पात्र होंगे।

आवेदन फॉर्म के साथ आवेदकों को कुछ जरुरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे:-

  • पासपोर्ट आकर का फोटो
  • जन आधार कार्ड
  • एड्रेस प्रूफ
  • बैंक अकाउंट की पासबुक
  • विक्रेता प्रमाण पत्र
  • बेन्डिंग आईडी
  • सिफारिश पत्र
  • स्व प्रमाणित शपथ पत्र

Leave a Reply